| دِر سِرِی بابابزرگُم یک دو میخِ گُندَه داش | یَک کلیدونِ بزرگِ دو کنار از کّندَه داش | |
| کُچِیِش ساباطیِ بِخِی سِه چهار چُنگ گِردِشی | تَنگ تَنگ او جور کِه خِی یک تُورَه یِ رَد نَمِشی | |
| در سِرا یَک هَشتِی دیوال و سَقفِش گَچبُری | دُو کِنارِ هَشتییِم تَختِ بُلَندِ اَجُری | |
| پُشتِ دَر از خِشتُ از گَچ دوُ سِه گِز بَلونَه بو | تَه سِرا خِش فَرش و دو گوشِی سِرا حوضخونَه بو | |
| دو میونِ خونَه دِریَه چی پُر اُووِ زِلال | دوُ کِنارِش وَرزِمی بو یَک بِریقِ اَز سِفال | |
| یَک سِوُودونِ سفالی دو مِیوچَن کُوزَه بو | یَک کُلوخ کُووِ و چَن بِیل وُ کُلُنگ دو پوزَه بُو | |
| تَختِ شیزازِ دِ مونِش مَشکِ دوغ و ظَرفِ ماس | کَسِه پُر از قُروت، شیراز و مِسکَم یَک دو تاس | |
| دُو کِنارِ خونِه پیشُو کِندُکِ گُر گِندُمِه | دِی بِرِش کِندوله پُر آرد و کَسِی بَدُمه | |
| دو طِرَف چَن دُورَه پر لیچار، سِوویِ شیره یِ | دی بِرِم خیکِ پُر از شیرازِ شُورِ تیره یِ | |
| غالِ مُرغونِه و دوتَه بیست و چار مرغ و خروس | دی سرا بو هشت پِسر پوزدَه نِوَسَه چار عروس | |
| ای طِرَف دَلیزیه اُبِر سِرا ایِوونِه داش | مَدِرُم خِی هم عروسایِش شِریکی تونِ داش | |
| هر عروسِه یَک اطاق و کُرسی و نودونِه داش | غیرِ اینا یَک عِمویُم تارو گِرمافونِ داش | |
| خونِهِی خُردی کِه وَر یَک لام لِمپای داغ مِبو | اشکِنِی شیراز دِرویِش یَک وِجَب قِیماق مِبو | |
| گاهِه خَرجِ زِندِگیر ای چَن بِرار یِک کُل مِکی | دیکِگِی توگی دِ مُدبَخ صُحُب قُل قُل مِکی | |
| گاهِه چِنگَلی مِخُوردِم، گاهِ آش یا جوشپِرَه | گه شِکِمها پُر مِشو از نون دوغ تا خِر خِرَه | |
| نُنِ تِفتونِ مُلایِم روش پُر از دار و دِوا | گُردِ خُردِم راس مِکِردَن بابِ دَستِ بچِه ها | |
| وَخت سِر میزو میشو گوسپَندِ پِلوارِ مِبو | شُو دِ دور هَم بِدَم خُرد و کِلو پیر و جِوو | |
| نِه دِ فِکر گوش بِدَم نه بَرف و نه ریکا و نَف | هِرهِرای خِندَمن تا چَن سِرا اووَر مِرَف | |
| زِندِگی سَدِی بِدی بی شیلَه پیلَه با صفا | وَرکِم و بیشِش مِساختَن جُملِگی شُکرِ خُدا | |
| دو زِمان بابا بُزُرگُم سرپِرَستِ خونَه بو | هَر چِه او فِرمو مِدا هر هَش بِرار فِرمو مِبو | |
| کاش حالِم مِثلِ او وِختا سِرایِ داشتِم | گیوهِ ی پاپیچِ تِنبونِ قبای داشتِم | |
| خُونِهِی حاله هَفَش مَنی سِه چار مِن ساختمان | هَر اطاقش یَک شِبِستونِه قِشَنگ و مُبلمان | |
| گَرچه حالِ خونه ها پُر وسعَت و روشنا شِدَه | تَه اطاقِش فرش از قَلیچه زیبا شِدَه | |
| خِی چِنی اَلِّ دِلا ولزکَم دِلامِن زَنگ زِدَه | دینِ ما کَمِ رَنگ شِدَه شیطو وَ پَرچِش چَنگ زِدَه | |
| دی گِرونیها عیالِ موم اُروپایی شِدَه | خواسته و گُفتار و اَفکارِش تماشایی شِدَه | |
| وَرمِگِد هَمسَیَه ما گازِ فردارِ دِرَه | دُختِرِش از ابرِشُم پاچین و شِلوارِ دِرَه | |
| وَرمِگِد بفروش ژیان کُهنَه پیکانِ بِخَر | از کریستالِ فرانسَه پارچ و لیوانِ بِخَر | |
| هر دِقیقَه رنگِ نووِ وَر سِر و مویِش زِنِد | سُرمِه های رَنگ رَنگ وَر چِشمِ جادویِش زِنِد | |
| کی خُورَه او اِشکِنَه، مُرغ و فِسِنجو طالِبِد | نُونِ قاق و گُوشتی قُرمَه، غازِ بِریو طالِبِد | |
| هَر سَعَت او وَرمِگَه ای مُد شِدَه او مُد شِدَه | ای دِلِ بیچَرِیُم از دَستِ او پُت پُت شِدَه | |
| خِی دِلِ شَهلیدَه کی فِکرِ ادایِ دِلبَرَه | هَر کِه تونَه زِندِگیشِر بود کُنَه جادوگَرَه | |
| با شُمایُم خُوهِرا ای خَرجُ بَرجا کَم کُنِی | ای گروهِ سُستِ رِشتِی زِندِگیر مُخکَم کُنِی | |
| یارِ شوهاتِن بِشِی با بیش و کم سازِش کُنِی | کِفتِرِ نامِهربونیر از دِلاتِن کِش کُنِی | |
| پاک دولا شو هیکِلُم دی زیرِ بارِ زِندگی | چِِشم و هَمچِشمی شِدَه سِرمَیه شِرمُندِگی | |
| آرزویُم اینی ای "فیاض" کِه یادیوونه شُم | یا کِه مِثلِ جَدُّم اَمروز حاکِمِ کاشونَه شُم |
منبع: فیاضی، اسفندیار، ای خوش او روزا، چاپ اول: 1385، مشهد : نشر پشنگ
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سیمین
۲۳ ارديبهشت ۹۸، ۰۹:۳۵